ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम जिम्मेदारी निभा चुके भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पदभार ग्रहण करेंगे. उन्हें 5,000 से अधिक उम्मीदवारों में से चयनित किया गया है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. इस दौरान उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है. उन्होंने इस जिम्मेदारी को भगवान राम का आशीर्वाद बताते हुए राम मंदिर और श्रद्धालुओं की सेवा का संकल्प जताया.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने संगठनात्मक पुनर्गठन करते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को CEO और स्वामी गोविंद देव गिरि को महामंत्री नियुक्त किया है.
जीतेंद्र मिश्रा का देश के लिए बड़ा योगदान रहा है. उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ से जुड़ा है, जिसे हाल ही में इस नाम से आई नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज में भी दर्शाया गया है.
राम मंदिर के ट्रस्ट के नए CEO के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को नया CEO चुना गया है.
राम मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अयोध्या में NSG का सातवां रीजनल हब शुरू होने जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर के अंत तक ब्लैक कैट कमांडो की स्थायी तैनाती हो जाएगी.जिससे उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में किसी भी आतंकी हमले, बंधक संकट या बड़े सुरक्षा खतरे पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी.
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण परियोजना तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है. भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि परिसर के 70 में से करीब 60 निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं और ट्रस्ट को सौंप दिए गए हैं.
अयोध्या के राम मंदिर में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए फेस रीडिंग आधारित व्यवस्था लागू की गई है. मंदिर ट्रस्ट ने एंट्री-एग्जिट रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी निगरानी और देरी करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सेवा-पूजा व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने के लिए अर्चकों के लिए एक समान ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है. 15 अगस्त से सभी पुजारी पीले रंग की रेशमी धोती और अंगवस्त्र में रामलला की सेवा करते दिखाई देंगे.


