
US President Election : अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के भारत को लेकर दिए गए बयान पर विवाद के बीच रिपब्लिकन पार्टी नुकसान की भरपाई में जुट गई है. इसी कवायद में भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हैले (Nikki Haley) ने दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) एक-दूसरे से काफी घुले मिले हैं. ट्रंप प्रशासन से पहले अमेरिका का रिश्ता कभी भी भारत के साथ इतना मजबूत नहीं रहा. उन्होंने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चीन को सबसे बड़ा खतरा बताया.
दरअसल, ट्रंप ने तीन दिन पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान प्रदूषण का जिक्र करते हुए भारत को गंदा बताया था. इसको लेकर भारतीय मूल के अमेरिकी मतदाता उनसे नाराज हैं. विपक्षी डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन ने कहा कि किसी मित्र देश के लिए कभी ऐसी बातें नहीं कहीं जातीं. भारतीय मूल के लोगों को रिपब्लिकन पार्टी में सम्मान का जिक्र करते हुए हैले ने खुलासा किया कि डोनाल्ड ट्रंप 2016 का चुनाव जीतने के बाद उन्हें विदेश मंत्री नियुक्त करना चाहते थे, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थीं. हैले ने बाद में कुछ शर्तों के साथ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत का पद स्वीकार कर लिया था.
रिपब्लिकन नेता निक्की हैले ने पेनसिल्वानिया में ‘इंडियन वॉइसेज फॉर ट्रंप' के एक कार्यक्रम में यह खुलासा किया. 48 साल की हैले ने कहा कि वह उस वक्त साउथ कैरोलिना की गवर्नर थीं. उस राज्य में बड़ी जिम्मेदारी उनके पास थी. तभी 2016 में चुनाव के बाद उनके पास रिपब्लिकन नेता रेन्स प्रीबस का कॉल आया. प्रीबस बाद में ट्रंप के पहले व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ बने.
हैले ट्रंप से मिलने न्यूयॉर्क गईं. उन्होंने निर्वाचित राष्ट्रपति से कहा कि वह इस पद के लिए उपयुक्त नहीं होंगी. कुछ दिन बाद फिर से प्रीबस का फोन आया और उन्होंने हैले को बताया कि ट्रंप उन्हें संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत की पेशकश को लेकर बाद में कॉल करेंगे. हैले ने इस पद को स्वीकार करने की तीन शर्तें रखीं. उन्होंने मंत्री स्तर का दर्जा देने, राजदूत को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सदस्य बनाने की मांग के साथ स्पष्ट किया कि वह हां में हां मिलाने वाली महिला नहीं होंगी. ट्रंप ने उनकी सभी शर्तें मान लीं.
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