
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ऐतिहासिक जीत दर्ज कर चुके हैं. अब उन्हें जीत पर दुनियाभर से बधाइयां मिलने का सिलसिला जारी है. इस बीच वाशिंगटन में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत केविन रुड ने डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी टिप्पणियों को हटा दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि वे ऑस्ट्रेलियाई सरकार के विचारों को नहीं दर्शाती हैं. पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके रुड ने इससे पहले अमेरिका स्थित एक थिंक टैंक के प्रमुख के रूप में ट्रंप पर टिप्पणी की थी, जैसा कि उनकी निजी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा गया है.
इन हटाई गई टिप्पणियों में रुड ने 2020 में ट्रंप को इतिहास का सबसे विनाशकारी राष्ट्रपति बताया था. बयान में कहा गया, "अमेरिका के राष्ट्रपति के पद के सम्मान में और राष्ट्रपति ट्रंप के चुनाव के बाद, राजदूत रुड ने अब अपनी निजी वेबसाइट और सोशल मीडिया से इन पिछली टिप्पणियों को हटा दिया है." इसमें कहा गया कि रुड ऐसी टिप्पणियों की संभावना को खत्म करना चाहते थे जिन्हें राजदूत के रूप में उनके पदों और ऑस्ट्रेलियाई सरकार के विचारों को दर्शाने के रूप में गलत समझा जा रहा हो."
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने गुरुवार को कहा कि एंथनी अल्बानी के नेतृत्व वाली केंद्र-वाम सरकार को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपने गठबंधन पर भरोसा है, जो उसका सबसे बड़ा सुरक्षा साझेदार है, जिसमें AUKUS सौदा भी शामिल है, जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया अगले दशक में अमेरिका से परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां खरीदेगा. वोंग ने गुरुवार को रेडियो और टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने माइक पोम्पिओ से मुलाकात की थी, जिन्होंने चुनाव अभियान के दौरान पिछले ट्रम्प प्रशासन में विदेश मंत्री के रूप में काम किया था, और AUKUS के लिए दोनों का समर्थन था.
उन्होंने टुडे इवेंट में कहा, "अमेरिका हमारा प्रमुख रणनीतिक साझेदार है. हम बहुत ही स्पष्ट रणनीतिक उद्देश्य साझा करते हैं." "हम दोनों एक ऐसा क्षेत्र चाहते हैं जो स्थिर हो, एक ऐसा क्षेत्र जो शांतिपूर्ण हो, और AUKUS के लिए दोनों दलों का समर्थन है, जो इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है." मार्च में ब्रिटिश टीवी इंटरव्यू में रुड की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि रुड बुरे हैं. ट्रंप ने कहा, "अगर ऐसा है तो वह वहां लंबे समय तक नहीं रहेंगे." वोंग ने कहा कि वह रिपब्लिकन प्रशासन के साथ काम करने की रुड की क्षमता का समर्थन करती हैं. रुड 2023 तक न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी थिंक टैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, जब उन्हें राजदूत नियुक्त किया गया.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

