पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक 'शानदार इंसान' बताया और उनकी जमकर तारीफ की. हालांकि, इस दौरान ट्रंप ने भारत पर व्यापार संबंधों का 'बहुत बड़ा दुरुपयोग करने' का भी आरोप लगाया, जिससे मोदी सरकार की टेंशन बढ़ सकती है. ट्रंप ने इस कार्यक्रम के दौरान बताया कि वह जल्द ही पीएम मोदी से मुलाकात करने वाले हैं.
ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात होगी या नहीं, विदेश मंत्रालय ने इस बात की कोई तस्दीक नहीं की है. बता दें कि UNGA के तहत होने वाले समिट ऑफ़ फ्यूचर में पीएम संबोधित करेंगे. इस समिट में पीएम मोदी प्रमुख CEOs से भी मिलेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों चुनावी मिशन पर हैं. इस बीच मिशिगन में एक इलेक्शन कैंपेन में ट्रंप ने भारत पर व्यापार संबंधों का 'बहुत बड़ा दुरुपयोग करने' वाला बताया. ट्रंप से भारत और अमेरिका के व्यापार संबंधों के बारे में सवाल किया गया था. इसके साथ ही ट्रंप ने भारत को ट्रेड के मामले में शार्प भी बताया. इस दौरान ट्रंप ने अमेरिका और चीन के बीच चल रहे 'टैरिफ वार' पर भी अपने विचार रखे.
हालांकि यह पहली बार नहीं है, डोनाल्ड ट्रंप भारत को व्यापार के मुद्दे पर पहले भी निशाना बनाते रहे हैं, लेकिन ये भी समझना होगा कि वह फिलहाल चुने हुए राष्ट्रपति नहीं, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं. ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी फैनटैस्टिक मैन हैं. वैसे, ट्रेड को लेकर ट्रंप ने भारत को लेकर यह भी कहा कि शार्प लोग हैं, शार्प निगोशिएशन करते हैं. ट्रंप भारत को ट्रेड में प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते हैं.
बता दें कि पीएम मोदी इसी सप्ताह अमेरिका के दौरे पर जाने वाले हैं. 21 सितंबर से 23 सितंबर तक पीएम मोदी क्वाड के लिए अमेरिका में होंगे. पीएम मोदी डेलावेयर में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं के साथ क्ववाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल (2017-2021) के दौरान पीएम मोदी के साथ एक मजबूत संबंध साझा किया था. यह ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' और भारत में 'नमस्ते ट्रंप' जैसे कार्यक्रमों से स्पष्ट होता है. दोनों देशों ने रक्षा और रणनीतिक सहयोग में इजाफा किया था. कई व्यापारिक विवादों के बावजूद उनकी साझेदारी मजबूत होती रही.
गौरतलब है कि अमेरिका में 5 नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं. इस चुनाव में रिपब्लिकन ट्रंप का मुकाबला डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से है. दोनों के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी को बताया 'फैंटास्टिक मैन', अगले हफ्ते मुलाकात होने की बात कही
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

