डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) बुधवार को एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए. उनकी जीत को अमेरिकी इतिहास में किसी नेता की सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी के तौर पर देखा जा रहा है. व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी से जुड़े 34 आरोपों में दोषी करार दिए गए ट्रंप की जीत ने दुनिया भर में राजनीति के जानकारों को चौंका दिया है. ‘एसोसिएटेड प्रेस' की ओर से बुधवार देर रात उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, ट्रंप और हैरिस को क्रमश: 292 और 224 निर्वाचक मंडल वोट हासिल हो चुके हैं. आइए जानता हैं ट्रंप की नई सरकार में किन लोगों को जगह मिल सकती है.
इन चेहरों पर है सबकी नजर
ट्रंप प्रशासन में उच्च पद के शीर्ष दावेदारों में ट्रंप के प्रमुख सहयोगी जेमी डिमन, स्कॉट बेसेंट और जॉन पॉलसन के नाम सबसे प्रमुख माने जा रहे हैं. कश्यप 'काश' पटेल को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. चर्चा है कि पटेल को ट्रंप अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) का प्रमुख बना सकते हैं.
स्कॉट बेसेन्ट की है चर्चा
स्कॉट बेसेन्ट को प्रमुख आर्थिक सलाहकार की जिम्मेदारी मिल सकती है. उन्होंने रिचमंड विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री प्राप्त की और वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय से एमबीए कर रखा है. स्कॉट बेसेन्ट न्यूयॉर्क स्थित निवेश साझेदारी की स्क्वायर कैपिटल मैनेजमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य निवेश अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं.
विदेश नीतियों की जिम्मेदारी संभालेंगे रिचर्ड ग्रेनेल!
रिचर्ड ग्रेनेल ट्रंप के सबसे करीबी विदेश नीति सलाहकारों में से हैं. विदेशी नेताओं के साथ उनके अच्छे रिश्ते रहे हैं. र्वी यूक्रेन में स्वायत्त क्षेत्र स्थापित करने की वकालत करने के कारण वो काफी चर्चा में आए थे. अमेरिका के इस रुख का यूक्रेन ने विरोध किया था.
डिफेंस की कमान माइकल जॉर्ज ग्लेन वाल्ट्ज को मिल सकती है
माइक वाल्ट्ज को डिफेंस की कमान मिल सकती है. ये भी ट्रंप के बेहद करीबी हैं. अमेरिका की सेना में कर्नल हैं. ये फ्लोरिडा के क्षेत्र से आते हैं. माइक वाल्ट्ज को अगर जिम्मेदारी मिलती है तो वो ये भारत के लिए भी अच्छी खबर हो सकती है. उनका झुकाव भारत की तरफ रहा है.
किसके हाथ हो सकती है वित्त मंत्रालय की कमान?
जॉन पॉल्सन वित्त मंत्रालय की कमान संभाल सकते हैं. फॉक्स बिजनेस नेटवर्क से जुड़े लैरी कुडलो के नाम की चर्चा भी इस पद के लिए है. रॉबर्ट लाइटहाइजर और हावर्ड लुटनिक के नाम की भी चर्चा है.
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