रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के सबसे ताकतवर नेता यानी राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. उन्होंने अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति चुनाव (US Elections 2024) जीत लिया है. ट्रंप को इस जीत के लिए दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. अमेरिका में ट्रंप सरकार 2.0 आने से कुछ देश खुश हैं, तो कुछ देशों में बेचैनी है. शायद बांग्लादेश भी ट्रंप के अमेरिका में नया बॉस बनने से खुश नहीं है. बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) भी इसमें शामिल हो सकते हैं. क्योंकि, डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के समय उनके अनुभव उतने अच्छे नहीं रहे थे.
दरअसल, अमेरिका में 2016 में हुआ चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने जब व्हाइट हाउस में कार्यभार संभाला, तो बांग्लादेश के एक डेलीगेशन ने वॉशिंगटन डीसी में ट्रंप से मुलाकात की थी. इस डेलीगेशन में कुछ डेप्लोमेट, प्रमुख बांग्लादेशी नागरिक और कुछ सरकारी अधिकारी शामिल थे. लेकिन, ट्रंप ने एक सवाल पूछकर सबको हैरान कर दिया था. उन्होंने डेलीगेशन के साथ ऑफिशियल इंट्रोडक्शन से पहले ही यूनुस को लेकर एक सवाल पूछ लिया था. ट्रंप का सवाल था- "वो ढाका का माइक्रो फाइनेंसर कहां है?"
फिर 5 अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्रों के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. आखिरकार शेख हसीना को PM पद से इस्तीफा देकर देश भी छोड़ना पड़ा. तब से हसीना भारत में हैं. जबकि बांग्लादेशी सेना ने मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का चीफ एडवाइजर बनाया है. यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में काफी बढ़ोतरी हुई है. ट्रंप ने अपनी कैपेंनिंग के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा का भी जिक्र किया था.
डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतने का युद्ध पर क्या होगा असर, पुतिन-नेतन्याहूृ से दोस्ती आएगी काम?
I strongly condemn the barbaric violence against Hindus, Christians, and other minorities who are getting attacked and looted by mobs in Bangladesh, which remains in a total state of chaos.
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) October 31, 2024
It would have never happened on my watch. Kamala and Joe have ignored Hindus across the…
डोनाल्ड ट्रंप ने हिंदू-अमेरिकियों को 'कट्टरपंथी वामपंथ' के धर्म-विरोधी एजेंडे से बचाने का वादा किया था. बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समूहों पर हमलों की निंदा करते हुए ट्रंप ने कहा था, "मैं हिंदुओं, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ बर्बर हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं. उन पर बांग्लादेश में भीड़ द्वारा हमला किया जा रहा है. लूटपाट की जा रही है. वहां पूरी तरह अराजकता की स्थिति बनी हुई है."
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Edited by: श्वेता गुप्ताUSAID Funding Case: अमेरिका का भारत के चुनाव में दखल? USAID फंडिंग को लेकर ट्रंप के बयान के बाद मचे घमासान की पूरी कहानी
Written by: प्रभांशु रंजनडोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर साइन करके अमेरिका के फेडरल चुनावों में वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना अनिवार्य कर दिया है.
चुनाव के जल्द ऐलान से पता चलता है कि कार्नी अपनी लिबरल पार्टी के लिए वोटिंग में हुई वृद्धि का लाभ उठाना चाहते हैं. जिसकी वजह मुख्य रूप से अमेरिकी टैरिफ और ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों को भी माना जा रहा है.
USAID Funding Case: अमेरिकी संस्था यूएसएड की 21 मिलियन डॉलर की फंडिंग पर ट्रंप के बयान से भारत में सियासी घमासान मचा है. भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. USAID फंडिंग का पूरा मामला क्या है, जानिए इस रिपोर्ट में.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी दक्षता विभाग के उस फैसले का बचाव किया है, जिसमें USAID के जरिए भारत को दी जाने वाली 1 अरब 80 करोड़ रुपये की मदद रोक दी गई है. यह मदद भारत में मतदान बढ़ाने के लिए दी जा रही थी.ट्रंप का कहना है कि भारत के पास बहुत पैसा है.
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि वह डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव हरा सकते थे, लेकिन पार्टी के कहने पर उन्हें पीछे हटना पड़ा.
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि भारत में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. यह एक तरह से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति एलन मस्क को जवाब माना जा रहा था, जिन्होंने लेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे.
अमेरिका में निर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के समर्थक एच 1 बी वीजा पर भिड़े हुए है. इसकी शुरूआत श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति के बाद हुई. ट्रंप के कुछ समर्थक इस पर आपत्ति जताने लगे. लेकिन अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने इसका समर्थन करते हुए एच 1 बी वीजा में सुधार की बात कही है.
अमेरिकी न्याय विभाग में अटार्नी ब्रायन पीस ने कहा है कि वो 10 जनवरी को इस्तीफा दें देंगे. पीस को राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नियुक्त किया था. वो चुने गए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के 20 जनवरी को शपथ लेने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की मदद के लिए कम से कम 270 मिलियन डॉलर खर्च किए थे. जिसके साथ ही वो रिपब्लिकन के शीर्ष दाता बन गए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर एक कार्यकारी आदेश की योजना बना रहे हैं, जिसके तहत अमेरिकी सेना से सभी ट्रांसजेंडर सदस्यों को हटा दिया जाएगा.