
अमेरिकी उद्योग जगत को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में आर्थिक सुधार जारी रहेंगे, भले ही वह थोड़े कम बहुमत के साथ सत्ता में लौटे हों.
यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी मुकेश अघी ने मंगलवार को समाचार एजेंसी PTI-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा, "मुझे लगता है कि माहौल ऐसा है कि प्रधानमंत्री थोड़े कम बहुमत से गठबंधन के साथ वापस आएंगे... सुधार का एजेंडा जारी रहेगा... अमेरिका-भारत संबंध सकारात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे, QUAD, I2U2, IMAC पर ध्यान देना जारी रहेगा..."
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि जहां तक (भारत-अमेरिका) संबंधों की बात है, तो इसमें कोई बदलाव आया है... मुझे लगता है कि वे (अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन) उम्मीद कर रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी वापस आएंगे और दोनों देशों के बीच बैठकें जारी रहेंगी..."
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (USIBC) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अतुल केशप ने एक बयान में कहा, "USIBC लोकसभा चुनाव के सफल समापन पर सभी भारतीयों को बधाई देता है... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को उनके विस्तारित जनादेश के लिए बधाई देता है..."
उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री, उनके मंत्रिमंडल तथा भारत के सभी निर्वाचित नेताओं के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं, ताकि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार व निवेश को बढ़ाया जा सके... साथ ही भारतीयों को अधिक समृद्धि तथा विकास की उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिल सके..."
सिस्को के मानद चेयरमैन जॉन चैम्बर्स ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई, जिन्होंने भारत के आम चुनाव में तीसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल की है... उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और डिजिटलीकरण के मामले में जबरदस्त प्रगति की है..."
अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने भी भारत के लोगों को बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "भारत के लोगों को 1947 के बाद से 18वें संसदीय चुनाव के लिए बधाई, जिसमें उन्हें कभी भी बड़े पैमाने पर धांधली या जनादेश चोरी के आरोपों से नहीं जूझना पड़ा... यह लोकतंत्र को लेकर प्रतिबद्धता है..."
भारतीय निर्वाचन आयोग ने देशभर के सभी 543 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित कर दिए हैं. इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 240 और कांग्रेस को 99 सीट पर जीत मिली है. BJP-नीत NDA को लोकसभा में बहुमत मिल गया है और मोदी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार हैं.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
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अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
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हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

