India Coming Together Against COVID-19 (Hindi)
भारत में कोविड-19 के मामले

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'डॉक्टर्स ऑन कॉल': डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दिए लोगों को जवाब

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. इन सबके बीच कैसे इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है, जानिए NDTV के खास शो 'डॉक्टर्स ऑन कॉल' में विशेषज्ञों से. इस शो में देश के जाने-माने डॉक्टर और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ कॉलर्स के सवालों के जवाब देंगे. इस कार्यक्रम में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया जुड़े, जिन्होंने लोगों के जवाब दिए.

न्यूज़रूम से

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  • भारत में कोरोनावायरस केस अपडेट : भारत में पिछले 24 घंटे में दर्ज हुए 16,838 नए COVID-19 केस, 113 की मौत
    Edited by Pawan Pandey | Friday March 05, 2021 , नई दिल्ली

    India COVID-19 Cases: स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 16,838 नए कोविड-19 केस दर्ज होने के साथ संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,11,73,761 हो गई है. पिछले 24 घंटे में 13819 मरीज ठीक हुए हैं. अब तक कुल 1.08 करोड़ (1,08,39,894) मरीज खतरनाक वायरस को मात देने में सफल रहे हैं.

  • ब्रिटेन में मिले कोरोना के स्वरूप की वजह से तेजी से बढ़ सकते हैं संक्रमण के मामले
    Reported by Bhasha | Friday March 05, 2021 , लंदन

    ब्रिटेन (Britain Covid 19 New Strain) में मिला कोरोनावायरस (Coronavirus) का स्वरूप पहले के वायरस की तुलना में ज्यादा संक्रामक है और इसके कारण फिर से कोविड-19 के तेजी से फैलने की आशंका है. एक नए अध्ययन में यह बताया गया है. शोध पत्रिका ‘साइंस’ में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने जैसे सख्त कदमों और टीकाकरण को बढ़ावा दिए बिना 2021 में इंग्लैंड में कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों और मौतों की संख्या 2020 की तुलना में ज्यादा रहेगी. अध्ययन दल में लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रोपिकल मेडिसीन के विशेषज्ञ भी थे.

  • Coronavirus India LIVE Updates: राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने लगवाया कोरोना का टीका, बोले- वैक्सीन से डरें नहीं
    Edited by Rahul Singh | Friday March 05, 2021 , नई दिल्ली

    Coronavirus LIVE Updates: भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों को कोरोनावायरस (Coronavirus) ने अपनी जद में लिया है. भारत के कुछ राज्यों में एक बार फिर कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 16,838 नए कोविड-19 केस दर्ज होने के साथ संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,11,73,761 हो गई है.

  • दिल्ली में Coronavirus वैक्सीनेशन ने बनाया रिकॉर्ड, 1 दिन में सबसे ज्यादा लोगों का टीकाकरण
    Reported by Sharad Sharma, Edited by Rahul Singh | Friday March 05, 2021 , नई दिल्ली

    भारत के कुछ राज्यों में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले बढ़ रहे हैं. केंद्र समेत कई राज्यों की सरकार ने टीकाकरण अभियान पर खासा जोर दिया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Covid 19 Vaccination in Delhi) में गुरुवार को एक दिन में अब तक का सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन डेटा रिकॉर्ड हुआ है. बीते दिन 402 वैक्सीनेशन साइट्स पर 27,959 लोगों को वैक्सीन लगाई गई. इससे पहले 22 फरवरी को 27,219 लोगों को टीका लगाया गया था. प्राइवेट सेंटर्स पर 63.73 फीसदी वैक्सीनेशन हुआ. उपलब्ध 17,800 स्लॉट्स में से वैक्सीनेशन के लिए 11,344 लोग पहुंचे.

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टेस्टिंग सेंटर

अस्पताल

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली
  • आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर)
  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज
  • नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल

अस्पताल

  • श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, तिरुपति
  • रंगाराया मेडिकल कॉलेज, काकीनाडा
  • सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज, विजयवाड़ा
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अनंतपुर, आंध्र प्रदेश

अस्पताल

  • रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान एवं निकोबार

Hospitals

  • गौहाटी मेडिकल कॉलेज, गुवाहाटी
  • रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, डिब्रूगढ़
  • जोरहाट मेडिकल कॉलेज, जोरहाट
  • सिलचर मेडिकल कॉलेज, सिलचर

अस्पताल

  • राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, पटना

अस्पताल

  • पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च

अस्पताल

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर

अस्पताल

  • बी.जे. मेडिकल कॉलेज, अहमदाबाद
  • एम.पी. शाह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जामनगर

अस्पताल

  • बी.पी.एस. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सोनीपत
  • पंडित बी.डी. शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, रोहतक

अस्पताल

  • इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कांगड़ा, टांडा

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू
  • कमांड हॉस्पिटल (एनसी), उधमपुर

अस्पताल

  • एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर

अस्पताल

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी फील्ड यूनिट, बैंगलोर
  • हसन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, हसन
  • मैसूर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, मैसूर
  • शिमोगा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, शिवमोगा
  • कमांड हॉस्पिटल (एएफ), बेंगलुरू
  • बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, बैंगलोर

अस्पताल

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी फील्ड यूनिट
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, तिरुअनंतपुरम
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोझीकोड
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, त्रिशूर

अस्पताल

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन ट्राइबल हेल्थ, जबलपुर
  • एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, इंदौर

अस्पताल

  • NEIGRI ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज़, शिलॉन्ग

अस्पताल

  • सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज एंड के.ई.एम. हॉस्पिटल, मुंबई
  • इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर
  • कस्तूरबा हॉस्पिटल फॉर इन्फेक्शस डिज़ीज़ेज़, मुंबई
  • आर्म्ड फोर्सेज़ मेडिकल कॉलेज, पुणे
  • एन.आई.वी. फील्ड यूनिट
  • बी.जे. मेडिकल कॉलेज

अस्पताल

  • जे.एन. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ हॉस्पिटल, इम्फाल ईस्ट
  • रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, इम्फाल

अस्पताल

  • रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, भुवनेश्वर

अस्पताल

  • जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अमृतसर
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, पटियाला

अस्पताल

  • सवाई मान सिंह, जयपुर
  • डॉ एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर
  • झालावाड़ मेडिकल कॉलेज, झालावाड़
  • एस.पी. मेडिकल कॉलेज, बीकानेर
  • आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज, उदयपुर
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जोधपुर

अस्पताल

  • शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, श्रीनगर
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर

अस्पताल

  • किंग्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, चेन्नई
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, ठेणी
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, तिरुवरूर
  • तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज, तिरुनेलवेली
  • कोयम्बटूर मेडिकल कॉलेज, कोयम्बटूर
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अगरतला

अस्पताल

  • गांधी मेडिकल कॉलेज, सिकंदराबाद
  • उस्मानिया मेडिकल कॉलेज, हैदराबाद

अस्पताल

  • किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
  • इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
  • जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़
  • कमांड हॉस्पिटल (सीसी), लखनऊ

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

अस्पताल

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलेरा एंड एन्टेरिक डिज़ीज़ेज़, कोलकाता
  • इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, कोलकाता

हेल्पलाइन

राज्यों में हेल्पलाइन नंबर
राज्य/केंद्रशासित प्रदेशहेल्पलाइन नंबर
अंडमान एवं निकोबार03192-232102
आंध्र प्रदेश0866-2410978
अरुणाचल प्रदेश9436055743
असम6913347770
बिहार104
चंडीगढ़9779558282
छत्तीसगढ़104
दादरा एवं नगर हवेली104
दिल्ली011-22307145
गोवा104
गुजरात104
हरियाणा8558893911
हिमाचल प्रदेश104
जम्मू01912520982
झारखंड104
कर्नाटक104
कश्मीर01942440283
केरल0471-2552056
लद्दाख01982256462
लक्षद्वीप104
मध्य प्रदेश104
महाराष्ट्र020-26127394
मणिपुर3852411668
मेघालय108
मिज़ोरम102
नागालैंड7005539653
ओडिशा9439994859
पुदुच्चेरी104
पंजाब104
राजस्थान0141-2225624
सिक्किम104
तमिलनाडु044-29510500
तेलंगाना104
त्रिपुरा0381-2315879
उत्तराखंड104
उत्तर प्रदेश18001805145
पश्चिम बंगाल1800313444222, 3323412600
केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर: 011-23978046

COVID-19 से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लिए 24x7 काम करने वाला कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है : 011-22307145, 22300012 तथा 22300036

उत्तर : 011-27708768

दक्षिण : 011-29531277

पश्चिम : 011-25195529

उत्तर-पश्चिम : 011-25951182

दक्षिण-पश्चिम : 011-25066674

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली : 011-26476410

उत्तर-पूर्वी दिल्ली : 011-22115289

नई दिल्ली : 011-23385743

मध्य दिल्ली : 011-23270151

शाहदरा : 011-22111077

  • COVID-19 के लक्षण क्या हैं?

    COVID-19 के लक्षण क्या हैं?

    COVID-19 के लक्षणों की बात की जाए, तो इसमें बुखार, थकान, सूखी खांसी शामिल है. साथ ही मरीजों को दर्द होता है और सांस लेने में दिक्कत होती है. इसके अलावा नाक बहती रहती है, गला खराब रहता है और डायरिया होने की भी उम्मीद रहती है. शुरू में ये लक्षण कम रहते हैं, लेकिन धीरे-धीरे वक्त के साथ बढ़ते जाते हैं. हालांकि कुछ लोगों में संक्रमित हो जाने के बाद लक्षण नहीं पाए जाते हैं और वह अस्वस्थ महसूस भी नहीं करते हैं. कोरोनावायरस से अधिकतर 80 फीसदी मरीज ठीक हो जाते हैं, जिनमें किसी खास तरह की देखभाल की आवश्यकता भी नहीं रहती है. हर छह में से एक व्यक्ति, जिसे कोरोनावायरस होता है, वह गंभीर रूप से बीमार होता है और उसे सांस लेने में खासी दिक्कत पेश आती है. बुजुर्ग व्यक्तियों, जिन्हें हाई ब्लडप्रेशर, हृदय संबंधी रोग, डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां हों, इससे गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं. जिन लोगों को बुखार है, गले में बलगम रहता है और सांस लेने में दिक्कत आती है, उन्हें अपना इलाज करवाने की आवश्यकता रहती है.

  • मैं खुद को कोरोनावायरस से बचाने के लिए और इस बीमारी को रोकने के लिए क्या कर सकता हूं?

    मैं खुद को कोरोनावायरस से बचाने के लिए और इस बीमारी को रोकने के लिए क्या कर सकता हूं?

    सबसे जरूरी है कि कोरोनावायरस को लेकर ताजा जानकारी से सूचित रहें, जागरूक रहें. इस बीमारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट या फिर राष्ट्रीय और स्थानीय जन स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क में रहें. दुनियाभर में बहुत सारे देशों में कोरोनावायरस संक्रमण फैल रहा है. हालांकि चीन में सरकार ने इस महामारी पर अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की है. स्थिति के बारे में कुछ निश्चित तौर पर कहा नहीं जा सकता, इसलिए कोरोना को लेकर ताजा जानकारी हासिल करते रहें.

  • क्या मुझे कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने की जरूरत है...?

    क्या मुझे कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने की जरूरत है...?

    आप मास्क तभी पहनें जब आप बीमार हों या आपके भीतर कोरोनावायरस के लक्षण हों. आप किसी कोरोनावायरस मरीज की देखभाल कर रहे हैं तो भी मास्क पहन सकते हैं. डिस्पोज किए जाने वाले फेस मास्क एक बार इस्तेमाल किए जा सकते हैं. यदि आप किसी बीमार व्यक्ति की केयर कर रहे हैं या आप बीमार नहीं हैं तो आप मास्क पहनकर मास्क की बर्बादी कर रहे हैं. दुनिया भर में मास्क की कमी देखी जा रही है. इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों से अपील की है कि मास्क का सही तरीके से इस्तेमाल करें. बेवजह मास्क न पहनें जिससे कि संसाधनों की बर्बादी न हो. खुद को कोरोना से बचाने का सबसे सरल तरीका है नियमित तौर पर हाथ धोना और बीमार व्यक्ति से 1 मीटर की दूरी बना कर रखना.

गलतफहमियां और सच्चाई

क्या कोरोनावायरस मच्छर के काटने से फैलता है...?
क्या लहसुन खाने से कोरोनावायरस से संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है...?
गर्म पानी से नहाने से क्या इस वायरस से बचा जा सकता है...?
क्या शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन लगाने से नोवेल कोरोनावायरस मर सकता है...?
क्या एंटीबायोटिक्स कोरोनोवायरस की रोकथाम और इलाज में फायदेमंद हैं...?
RB और NDTV की पहल, COVID-19 के खिलाफ अभियान में एकजुट भारत

हेल्थ टिप्स

Soap or sanitizer?

साबुन या सैनिटाइज़र...?

साबुन और पानी से हाथों को साफ करने का तरीका अब भी सबसे अच्छा है. हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से धोया जाना चाहिए.

How to wash with soap

साबुन से कैसे धोएं...?

हाथों को ठंडे या गर्म पानी से धोएं. झाग वाला साबुन इस्तेमाल करें, और हाथों की पुश्त, अंगुलियों के बीच और नाखूनों के नीचे भी अच्छी तरह साफ करें, और फिर हाथों को पानी से धोएं.

What is the right sanitizer?

कौन सा सैनिटाइज़र सही है...?

यदि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें.

How to use sanitizer

सैनिटाइज़र का उपयोग कैसे करें...?

हैंड सैनिटाइज़र को एक हथेली पर लगाने के बाद दोनों हाथों को एक साथ रगड़ना चाहिए. रगड़ते समय, जेल को हाथ की सभी सतहों को कवर करते हुए अंगुलियों पर फैलाया जाना चाहिए. यह प्रक्रिया जेल के पूरी तरह सूखने तक की जानी चाहिए.

Can we use anything else to disinfect?

या हम किसी और चीज से स्वयं को कीटाणुरहित कर सकते हैं...?

क्लीन्ज़र और वाइप्स उन वस्तुओं, सतहों की सफाई करने और कीटाणुरहित करने में प्रभावी होते हैं, जिन्हें अक्सर छुआ जाता है.

अल्कोहल आधारित सैनिटाइज़र क्यों...?

अल्कोहल वायरस और बैक्टीरिया सहित विभिन्न प्रकार के रोगाणुओं को मारने में प्रभावकारी है. कोरोना वायरस एक ऐसे प्रकार का वायरस है, जिसमें एक बाहरी आवरण होता है. इसे आवरण को इनवेलप कहा जाता है.

Is Vodka ok to use as sanitizer?

क्या वोदका का सैनिटाइज़र के रूप में उपयोग किया जा सकता है...?

कई DIY (डू इट योरसेल्फ) साइटों और कार्यक्रमों में यह सुझाव दिया गया है. लेकिन इसके बावजूद वोदका में प्रभावी रूप से रोगाणुओं को मारने के लिए पर्याप्त मात्रा में एल्कोहल नहीं है.

डॉक्टर की सलाह

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अभियान के बारे में

RB और NDTV की पहल, COVID-19 के खिलाफ अभियान में एकजुट भारत का लक्ष्य COVID-19 के विरुद्ध जारी संघर्ष में उन नायकों, NGOs तथा सामुदायिक अगुवाओं की कहानियों को सामने लाने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है, जिनका ज़िक्र तक नहीं हो पाता.
 

यह सभी भारतीयों को मेडिकल सच्चाइयों और लॉकडाउन के दौरान उनकी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से जुड़ी सबसे अहम ख़बरों के बारे में जानकारी देने का छोटा-सा प्रयास है. यह हम सभी के आइसोलेट हो जाने के बावजूद उम्मीद की किरण को जलाए रखने का अभियान है.
 

इस अभियान के अंतर्गत कोरोनावायरस के खिलाफ जारी जंग में जौहर दिखाने वाले उन नायकों की कहानियों को सामने लाया जाएगा, जिनका ज़िक्र नहीं हो पाता - डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सामुदायिक रसोइयां चला रहे और ज़रूरी सामान की आपूर्ति को बरकरार रखने वाले लोग. समूचे भारत से सामने लाई जाएंगी वे कहानियां, जो इस वायरस के खिलाफ जारी युद्ध में किए जा रहे प्रयासों का बखान करेंगी - जिन्हें आप तक लाएंगे प्रशासक, पुलिस तथा सरकारी संस्थाएं. हम यह भी बताएंगे कि साफ-सफाई का ध्यान रखना और हाथों को बार-बार धोते रहना नोवेल कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में अहम है.